डायबिटीज में आँखों की इन बीमारियों का अधिक खतरा जानिए (in Hindi)

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डायबिटीज में आँखों की इन बीमारियों का अधिक खतरा डायबिटीज में आँखों का ख्याल – डायबिटीज में आँखों का ख्याल रखना बेहद जरुरी है |भले ही आप खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस करते होंगे, लेकिन फिर भी आपको डायबिटीज और आँखों  की नियमित जांच करानी चाहिए| डायबिटीज यानी मधुमेह यह बीमारी एक आम बीमारी बन चुकी है |और यह बीमारी एक धीमे जहर की तरह काम करती है| क्योकि कुछ लोगों को पता ही नहीं चल पाता कि उन्हें डायबिटीज है| 

आजकल की तनाव भरी जिंदगी में हम अपने खाने पीने का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रहते हैं , और ना ही व्यायाम कर पाते हैं| यही वजह है, कि आज डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है | इसीलिए आपको स्वस्थ रहने के लिए अपने लिए थोड़ा टाइम तो निकालना ही होगा |

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जब मनुष्य के शरीर में जरूरत के अनुसार इंसुलिन हार्मोन नहीं बनता है, तो डायबिटीज़ की समस्या होती है।डायबिटीज का सबसे ज्यादा असर दिल और आंखों पर पड़ता है। जैसे-जैसे शुगर बढ़ती है, मरीज को आँखों से संबंधित अनेक बीमारियाँ होती है |जिनमे से हम आपको कुछ बीमारी के बारे में बता रहे है |

1) डायबिटिक रेटिनोपैथी:

डायबेटिक रेटिनोपैथी आँखों की एक खतरनाक बीमारी है। यह रेटिना की रुधिर वाहनियों को प्रभावित करता है, इससे ये ब्लॉक होकर आपकी नजर को खराब कर सकता है। जब उच्च ब्लड शुगर से आँख के पीछे भाग यानि की रेटिना पर स्थित छोटी छोटी रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं | डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या होती है |

डायबिटीज के ज्यादातर मरीजों में रेटिनोपैथी की आखिरी स्टेज आने तक भी पता नहीं चलता और तब तक इलाज की संभावना भी कम रह जाती है। बीमारी फैलने की रफ्तार तेज हो सकती है, इसलिए रेटिनल रोग का ध्यान रखने के लिए डायबिटीज में आँखों की नियमित जांच होती रहनी चाहिए |

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डायबिटीज पीड़ित व्यक्ति रेटिनोपैथी का पता लगाने के लिए नियमित रूप से जांच कराते रहें |नजर खोने और कमजोर होने से रोकने के लिए शुरू में ही ध्यान देना महत्वपूर्ण है |इसके लक्षण हल्के होते है, इस कारण से डायबिटीज पीड़ित लोग इस बात से तब तक अनजान रहते हैं, जब तक कि रोग बढ़ नहीं जाता |हालांकि बीमारी बढ़ने के बाद ही इसके लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ सामान्य लक्षण भी हैं जैसे कि  धुंधला दिखाई देना,आंखों के पास धब्बे, दोहरी दृष्टि और आंखों में दर्द |

2) डायबिटिक मैकुलोपैथी:

डायबिटिक मैकुलोपैथी एक ऐसी स्थिति है जो रेटिनोपैथी से हो सकती है। मैकुलोपैथी मैकुला को नुकसान पहुंचाती है, जो आंख का हिस्सा है, जो हमें हमारी केंद्रीय  दृष्टि को प्रभावित करते हैं इसके लक्षण यह है कि पढ़ने में परेशानी होनाऔर चेहरे को पहचानने में दिक्कत होना आदि |इसलिए मैकुलोपैथी रोग का ध्यान रखने के लिए डायबिटीज में आँखों की नियमित जांच होती रहनी चाहिए |डायबिटिक मैकुलोपैथी अक्सर लेजर सर्जरी द्वारा इलाज किया जाता है।
इसके अलावा डायबिटिक मरीज को आँखों को लेकर अनेक बीमारी हो सकती है |

डायबिटीज में आँखों का ख्याल रखने के कुछ टिप्स –

  • अक्सर देखा गया है जितना पुराना डायबिटीज होगा उतनी अधिक डायबिटिक रेटिनोपैथी संभावना इस रोग के होने की होगी |इसलिए आँखों की नियमित जाँच कराये |
  • ब्लड शुगर के स्तर पर नियंत्रण करके इससे बचा जा सकता है |ब्लड शुगर के स्तर पर लगातार नजर रखनी चाहिए और पर्याप्त शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेना चाहिए |
  • डायबिटीज से प्रभावित व्यक्ति को अपने शुगर के स्तर को नियंत्रित रखना जरुरी है ताकि उसका डायबिटिक रेटिनोपैथी और डायबिटिक मैकुलोपैथी से बचाव हो सके |
  • आँखों के आगे अँधेरा, आँखों में दर्द इत्यादि लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से संपर्क करें |
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